रविवार का सदुपयोग-अंश : 175 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 175 वाँ  रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 175 वाँ  मोदी सरकार का बजट 2026: विकास की गति को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की तैयारी उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥ अर्थात कार्य केवल कल्पनाओं से नहीं, बल्कि निरंतर… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 175 वाँ

रविवार का सदुपयोग-अंश : 174 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 174 वाँ  रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 174 वाँ  गणतंत्र दिवस विशेष भारत का गणतंत्र: जनचेतना से उपजी राष्ट्रशक्ति का उत्सव प्रजा सुखे सुखं राज्ञःप्रजानां च हिते हितम्।नात्मप्रियं हितं राज्ञःप्रजानां तु प्रियं हितम्॥ यह श्लोक भारतीय शासन-दर्शन की आत्मा को प्रकट करता है। इसमें स्पष्ट रूप… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 174 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 173 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 173 वाँ रविवार का सदुपयोग  साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 173 वाँ  संस्कार: हमारी विरासत, हमारी अमूल्य निधि, भविष्य की पीढ़ी को संस्कारवान बनाना हमारा दायित्व न चोरहार्यं न च राजहार्यं, न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि।विद्या धनं सर्वधन प्रधानं,संस्कार युक्तं तु तदेव सत्यम्॥ संस्कार वह अदृश्य धागा है… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 173 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 172 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 172 वाँ  रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 172 वाँ  मकर संक्रांति : उत्तरायण के साथ धर्म, तप और परिवर्तन का महापर्व आयनेन दिशां भेदः कालचक्रे प्रवर्तते।यदा सूर्य उत्तरं याति तदा धर्मः प्रबोधते॥ भारतीय संस्कृति में पर्व केवल तिथि या परंपरा नहीं होते, वे जीवन को… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 172 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 171 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 171 वाँ  रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 171 वाँ  माँ :अनुभूतियों से भरा हृदय और अव्यक्त रिक्तता का जन्मदिन : जन्मदिवस पर भावपूर्ण पुण्यस्मरण…..”माँ” मां, भावों को शब्दों में बाँध पाना अत्यन्त कठिन है। आपके स्थान को न कोई संबंध भर सकता है, न… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 171 वाँ

रविवार का सदुपयोग-अंश : 170 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 170 वाँ रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 170 वाँ  नई आशाओं और आकांक्षाओं के साथ स्वागत 2026 सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ यही भारतीय चिंतन की मूल भावना है, जिसमें व्यक्तिगत हित नहीं, बल्कि समाज, राष्ट्र और सम्पूर्ण मानवता… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 170 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 169 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 169 वाँ रविवार का सदुपयोग  साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 169 वाँ  25 दिसम्बर – अत्यंत विशेष दिवस: मेरे प्रेरणास्रोत श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा मेरे परम आदरणीय पिताजी श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का जन्मदिन “हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ठानूँगा, काल के कपाल पर लिखता-मिटाता… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 169 वाँ

रविवार का सदुपयोग-अंश : 168 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 168 वाँ रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 168 वाँ  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जन्मदिन दिवस विशेष (15 दिसंबर) : कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक का स्वर्णिम प्रेरक सफर श्लोकआयुर्वृद्धिर्यशोवृद्धिः सौख्यं पुष्टिर्बलं तथा।धर्मार्थकाममोक्षाणां सिद्धिर्भवतु नित्यदा॥ कल राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी का जन्मदिन है।… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 168 वाँ

रविवार का सदुपयोग-अंश : 167 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 167 वाँ  रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 167 वाँ  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के ऐतिहासिक दो वर्ष: राजस्थान विकास का स्वर्णिम अध्याय “लोकहितं मम धर्मः” यह केवल एक सुशासन का आदर्श वाक्य नहीं बल्कि वह आधार है जिस… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 167 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 166 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 166 वाँ रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 166 वाँ  श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज आरोहण: प्रत्येक रामभक्त की प्रार्थनाओं का साकार स्वरूप, सभ्यता के गौरवपूर्ण पुनरागमन का प्रतीक रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसेरघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः। इस मंगलाचरण के साथ हृदय में जिस दिव्यता… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 166 वाँ