रविवार का सदुपयोग – अंश : 189वाँ रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 189वाँ मां के बिना यह मदर्स डे बहुत भावुक करने वाला है…माँ…एक रिक्तता.. जिनकी अनुपस्थिति आज भी भीतर शोर करती है…! “नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः।नास्ति मातृसमं त्राणं, नास्ति मातृसमा प्रिया॥” अर्थात… इस संसार में माँ के समान… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 189वाँ
रविवार का सदुपयोग-अंश : 189वाँ