रविवार का सदुपयोग – अंश : 149 वाँ रविवार का सदुपयोग साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 149 वाँ सफलता का रहस्य, निरंतर प्रयास और कभी हार न मानने में है। “खम ठोक ठेलता है जब नर, पर्वत के जाते पाँव उखड़!मानव जब जोर लगाता है,पत्थर पानी बन जाता है।”-राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ये पंक्तियाँ… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 149 वाँ
रविवार का सदुपयोग-अंश : 149 वाँ