रविवार का सदुपयोग-अंश : 119 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 119 वाँ रविवार का सदुपयोग   साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 119 वाँ  एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।देवा भागं यथा पूर्वे संजानाना उपासते।। भारत में जब-जब सब ने एकजुट होकर किसी उद्देश्य के लिए कदम बढ़ाए हैं तब-तब न केवल राष्ट्रीय एकता… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 119 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 118 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 118 वाँ रविवार का सदुपयोग   साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 118 वाँ  विकासशील “आपणो अग्रणी राजस्थान” द्वेषपूर्ण राजनीति मुक्त और जातिवाद मुक्त राजस्थान राजस्थान, हमारी मातृभूमि, वीरों की भूमि और विविधताओं से भरा राज्य है। अतीत से लेकर वर्तमान तक इस राज्य ने अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 118 वाँ 

रविवार का सदुपयोग- अंश : 117 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 117 वाँ  रविवार का सदुपयोग  साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 117 वाँ  खींवसर की देवतुल्य जनता का भगवा जनादेश : विकास के नवयुग की शुरुआत कृतं मे दक्षिणे हस्ते जयो मे सव्य आहितः।आदित्यस्य नमस्कारे विजयः सर्वदा मम।। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय और राजस्थान में… Continue reading रविवार का सदुपयोग- अंश : 117 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 116 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 116 वाँ  रविवार का सदुपयोग  साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 116 वाँ  गीता से ज्ञान मिला, रामायण से राम, भाग्य से हिंदू धर्म मिला और सौभाग्य से हिंदुस्तान।  जी हां…किसी कवि की इन पंक्तियों में देवभूमि भारत की संपूर्ण महिमा को रेखांकित किया गया है। हिंदुस्तान में जन्म लेना सौभाग्य… Continue reading रविवार का सदुपयोग – अंश : 116 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 115 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 115 वाँ रविवार का सदुपयोग   साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 115 वाँ  आपका एक मत खींवसर के विकास का एक नवीन अध्याय लिखेगा खींवसर का भविष्य, आपके वोट से तय होगा…मतदान करें, खींवसर के भविष्य का निर्माण करें….! भारतीय लोकतंत्र में मतदान का अधिकार न केवल एक… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 115 वाँ

रविवार का सदुपयोग-अंश : 114 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 114 वाँ  रविवार का सदुपयोग  साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 114 वाँ  सबके साथ और विश्वास से खिलेगा खींवसर में विकास का कमल  खींवसर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से राजस्थान के पटल पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। खींवसरवासियों ने हमेशा अपने क्षेत्र के विकास और… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 114 वाँ

रविवार का सदुपयोग-अंश : 113 वाँ 

रविवार का सदुपयोग – अंश : 113 वाँ रविवार का सदुपयोग   साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 113 वाँ  दीपावली: भारत की धर्मप्राण आत्मा का प्रतिनिधि पर्व दीपोत्सव की रोशनी, सबके जीवन में हो साकार।मंगलमय हो सबके लिए, यह पावन दीप त्योहार। आप सभी को पांच दिन तक पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 113 वाँ 

रविवार का सदुपयोग-अंश : 112 वाँ

रविवार का सदुपयोग– अंश : 112 वाँ  रविवार का सदुपयोग  साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 112 वाँ  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना शताब्दी वर्ष: समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक संस्थान ही नहीं है बल्कि प्रतीक है भारत की सांस्कृतिक आत्मा का, भारत की धर्म प्राण संस्कृति… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 112 वाँ

रविवार का सदुपयोग-अंश : 111 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 111 वाँ रविवार का सदुपयोग   साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 111 वाँ  हरियाणा के जनादेश ने विपक्ष के झूठ, जातिवाद और सर्वेक्षणों को आईना दिखाया हरियाणा को मिले भगवा जनादेश ने झूठ की नींव पर खड़े धोखे, जातिवाद और गलतबयानी के कागज़ी महल को पूरी तरह… Continue reading रविवार का सदुपयोग-अंश : 111 वाँ

रविवार का सदुपयोग- अंश : 110 वाँ

रविवार का सदुपयोग – अंश : 110 वाँ  रविवार का सदुपयोग  साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास अंश : 110 वाँ  विजयदशमी शस्त्र पूजन: एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत “शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे, शास्त्र चिंता प्रवर्तते।” ‘शस्त्र पूजन’ की सदियों पुरानी परंपरा हमारी सांस्कृतिक भव्यता को चिह्नित और प्रदर्शित करती है। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माने… Continue reading रविवार का सदुपयोग- अंश : 110 वाँ