रविवार का सदुपयोग – अंश पांचवा

रविवार का सदुपयोग
 
साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास
 
अंश पांचवा
 
आज के ब्लॉग का विषय 
 
युवा सहभागिता से मजबूत होता लोकतंत्र
 
जिस भी देश में युवाओं ने देश की राजनीति में अपनी सहभागिता निभाई है वह देश सदैव प्रगति पथ पर अग्रसर रहा है, 2014 से पूर्व सामान्य तौर पर युवाओं की राजनीति में भागीदारी बहुत कम देखने को मिलती थी लेकिन श्री नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनने के बाद जिस प्रकार के युवा केंद्रित राजनीति पर बल दिया गया है आज उसके अभिन्न परिणाम देखने को मिलें, आज युवा देश के बारे में सकारात्मक सोच रखता है वह देश के निर्माण में सहयोग करने के साथ देश के लिए कुछ करने का जज्बा रखता है, युवाओं का सक्रिय राजनीति में आना भी लोकतंत्र को मजबूत कर रहा है अब परंपरागत राजनीति के साथ युवाओं की सहभागिता से देश के आम मतदाता को युवा जोश का चयन करने का भी अवसर मिल रहा है।
 
भारत देश पूरे विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, लोकतंत्र की स्थापना के साथ ही लगातार यह प्रयास किया गया कि देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। आज पूरा देश आजादी का 75 वर्ष पूरा होने पर अमृत महोत्सव बना रहा है और देश के सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में विकास यात्रा में युवाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है। आज पूरे विश्व में भारत देश को युवाओं का देश कहा जाता है। आंकड़ों के लिहाज से भारत दुनिया में सबसे ज्यादा युवा आबादी वाला देश है। यहां तक कि चीन भी हमसे पीछे है। यूएनडीपी के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में 121 करोड़ युवा हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 21 परसेंट भारतीय हैं, वहीं दुनिया की 779 करोड़ आबादी में 16 परसेंट यूथ पॉपुलेशन है। देश के युवाओं में आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभाओं का लोहा मनवाया है और 2014 के बाद बदले राजनीतिक परिवेश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए युवाओं की बढ़ती भागीदारी महसूस की जा रही है। आज कई ऐसे युवा राजनेता है जिन्होंने अपने निष्ठा, समर्पण और आत्मविश्वास के दम पर अपना एक अलग मुकाम हासिल किया है। आज की युवा पीढ़ी परंपरागत राजनीति के बजाय आक्रामक राजनीतिक करने में विश्वास रखती है। वर्तमान समय में युवा पीढ़ी उचित समय पर उचित निर्णय लेने में सक्षम है, ऐसे में निश्चित रूप से यह कहा जा सकता है कि युवा पीढ़ी की सहभागिता से ही लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है। राजनीति क्षेत्र में युवा न केवल नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं बल्कि उन्हें अपने वोट की ताकत का भी पूरा एहसास है, मताधिकार का उपयोग करते समय युवा अपने प्रतिनिधि को हर कसौटी पर परखने का प्रयास करते हैं। युवा मतदाताओं से अपेक्षा की जाती है कि वह एक ऐसा जनप्रतिनिधि जुड़े जो न केवल अपने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को पूरा करवाने का प्रयास करें बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की सोच के साथ काम करें। 
 
राजनीतिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार, जातिवाद, क्षेत्रवाद की भावना देश के लोकतंत्र को दीमक की तरह खोखला कर रही है। ऐसे में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती देने और स्वच्छ राजनीतिक वातावरण तैयार करने के लिए युवाओं को सक्रिय राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
 
1. लोकतंत्र में युवाओं की बढ़ती सक्रिय भागदारी पर आप क्या सोचते है?
 
2.क्या आप सोचते हैं कि युवाओं के राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करने से विकास की रफ्तार का पहिया तेजी से घूमता है ?
 
3. क्या युवा पीढ़ी परंपरागत राजनीतिक सोच में बदलाव लाकर नई ऊर्जावान राजनीति वातावरण तैयार कर रहें हैं ?
 
|| भारत माता की जय ||
 
हृदय की कलम से ! 
 
आपका 
 
– धनंजय सिंह खींवसर