रविवार का सदुपयोग – अंश : 130 वाँ


रविवार का सदुपयोग 

 
साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास
 
अंश : 130 वाँ 
 
“खुशहाल खींवसर, खुशहाल राजस्थान का बजट”
 
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में ‘खुशहाल राजस्थान का बजट’— विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
 
राजस्थान की गौरवशाली परंपरा और उसके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में प्रस्तुत ‘खुशहाल राजस्थान का बजट’ प्रदेश के हर नागरिक के सपनों को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं, आशाओं और समृद्धि का संकल्प पत्र है। यह उस राजस्थान की झलक प्रस्तुत करता है, जहां हर गांव-शहर में विकास की रोशनी पहुंचेगी, हर हाथ को काम मिलेगा और हर परिवार को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
 
इस बजट में बुनियादी ढांचे से लेकर कृषि, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, उद्योग से लेकर पर्यटन, और सामाजिक सुरक्षा से लेकर हरित ऊर्जा तक, हर क्षेत्र को मजबूती देने का संकल्प लिया गया है। राजस्थान अब सिर्फ अपने भव्य किलों और समृद्ध इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए भी पहचाना जाएगा। प्रदेश की सड़कों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे और 21,000 किमी नई सड़कों का निर्माण होगा, जिससे हर गांव, हर कस्बा और हर शहर विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा। यही नहीं, 500 नई रोडवेज बसें और 500 शहरी बसें जनता की सुविधा को और बेहतर बनाएंगी, वहीं जयपुर मेट्रो के विस्तार के लिए 12,000 करोड़ रुपये की लागत से नई परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे राजस्थान के नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
 
प्रदेश में जल संकट को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। जल जीवन मिशन (शहरी) के तहत 5,830 करोड़ रुपये की राशि से प्रदेशभर में घर-घर शुद्ध जल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य होगा। 1,000 नए ट्यूबवेल और 1,500 नए हैंडपंप लगाए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। इसी के साथ 6,400 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन और 5,700 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन से राजस्थान स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।
 
राजस्थान की आत्मा उसकी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों में बसती है। इस बजट में किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाओं की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वार्षिक राशि में वृद्धि कर अब 9,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी गई है। राजस्थान कृषि विकास योजना के तहत 1,350 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जिससे किसानों को नए तकनीकी साधनों और सुविधाओं का लाभ मिलेगा। 1,000 नए कस्टम हायरिंग सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि छोटे किसानों को भी उन्नत कृषि यंत्रों की सुविधा सुलभ हो।
 
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए इस बजट में कई नई पहल की गई हैं। प्रदेश में 11 नए महाविद्यालय, 9 स्नातकोत्तर महाविद्यालय, 3 नए पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले जाएंगे। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1,500 स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जाएंगी। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए 225 करोड़ रुपये की लागत से स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, लैब्स और कंप्यूटर लैब्स का निर्माण किया जाएगा। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले, इसके लिए राजस्थान रोजगार नीति 2025 के तहत 1.25 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी और निजी क्षेत्र में 1.5 लाख रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
 
पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में राजस्थान का विशेष स्थान है और इस बजट में इसे और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया गया है। पहली बार IIFA अवॉर्ड्स का आयोजन राजस्थान में किया जाएगा, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और फिल्म पर्यटन की संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी। 975 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास योजनाएं लागू की जाएंगी, जिसमें 10 प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों को ‘आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जाएगा। 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘रात्री पर्यटन’ (नाइट टूरिज्म) को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को और अधिक आकर्षक बनाया जा सके।
 
स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार ने मुफ्त जांच और दवा योजना के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर पर ही मुफ्त दवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी जिला अस्पतालों में डायबिटिक क्लिनिक खोले जाएंगे और कैंसर तथा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 1,300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। राजस्थान आधुनिक ट्रॉमा सेंटर, 25 नई लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस, 750 नए डॉक्टरों और 1,500 मेडिकल स्टाफ की भर्ती के माध्यम से अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा।
 
महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए इस बजट में ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री पोषण किट योजना के अंतर्गत 2.35 लाख गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा। बालिकाओं को 35,000 स्कूटियां वितरित की जाएंगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। महिला सुरक्षा को लेकर 1,000 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर ₹1,250 प्रति माह कर दिया गया है।
 
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजस्थान सरकार ने इस बार एक ग्रीन बजट पेश किया है, जिससे प्रदेश की पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए विकास किया जाएगा। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 5 वर्षीय क्लाइमेट चेंज एडाप्टेशन प्लान-2030 लागू किया गया है। 100 करोड़ रुपये के राजस्थान ग्रीन चैलेंज फंड और 1 लाख परिवारों को मुफ्त इंडक्शन कुकटॉप प्रदान करने की योजना भी इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
 
खींवसर के विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट 2025-26 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं जिससे इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी। इन घोषणाओं में सड़कों के निर्माण से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तक कई अहम प्रावधान शामिल हैं। NH-62 जीएसएस से SH-87 तक और NH-62 खींवसर बाईपास (15 कि.मी.) के लिए सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की गई है जिससे क्षेत्र में आवागमन की सुविधा में बड़ा सुधार होगा। इसके साथ ही, 33/11 केवी जीएसएस का निर्माण कालियास और भोजास में किया जाएगा जिससे बिजली आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।
 
खींवसर में सीवरेज एवं ड्रेनेज संबंधित कार्यों को भी बजट में शामिल किया गया है जिससे जल निकासी की समस्या का समाधान होगा और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी। खेल प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा खींवसर में खेल स्टेडियम के निर्माण की है जिससे युवाओं को खेल गतिविधियों में बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए खींवसर जिला अस्पताल के विकास की भी घोषणा की गई है जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
 
इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए विभिन्न गांवों में नई स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इन गांवों में देऊ, भोजास, दांतिणा, माडपुरा, इशरनावडा, रिया श्यामदास, भाणूडा, भाटियों की ढाणी, पारासरा, मुंडियाड और बिबलियाल शामिल हैं। साथ ही, चौपड़ों की ढाणी में नवीन पशु चिकित्सा उप केंद्र की स्थापना की जाएगी जिससे पशुपालकों को राहत मिलेगी और पशुओं की चिकित्सा सेवाएं सुलभ होंगी। ये सभी घोषणाएं खींवसर के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगी और क्षेत्र की आधारभूत संरचना को नई दिशा देंगी।
 
“खुशहाल राजस्थान का बजट” प्रदेश के हर नागरिक के सपनों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधारशिला है। यह बजट केवल सरकारी योजनाओं का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को राजस्थान में मूर्त रूप देने का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में यह बजट राजस्थान को एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और स्वावलंबी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट हर नागरिक के सपनों को पूरा करेगा, उनके जीवन में नई रोशनी लाएगा और प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
 
“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ राजस्थान आगे बढ़ रहा है— एक नया, समृद्ध और खुशहाल राजस्थान बनाने की ओर!
 
-क्या आप मानते हैं कि ‘खुशहाल राजस्थान का बजट’ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को एक नई दिशा देगा?
 
-क्या आपको लगता है कि इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने से हर नागरिक के जीवन स्तर में सुधार होगा?
 
जय हिंद
 
हृदय की कलम से
 
आपका 
धनंजय सिंह खींवसर