साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास
अंश – ग्यारहवां
राजस्थान में पांव पसारता नशे का व्यापार युवाओं को कर रहा है बर्बाद
राजस्थान प्रदेश को शूरवीरों की धरती के रूप में पहचाना जाता है, इतिहास में ऐसे कई उदाहरण है जहां प्रदेश की युवा तरुणाई ने अपने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है। ऐसा कहा जाता है कि जिस और युवा चलता है जमाना उसी और चल पड़ता है, लेकिन पिछले कुछ समय से कई युवा ऐसी दलदल में फसते जा रहे हैं जहां से वापस आना उनके बस की बात नहीं है। हम बात कर रहे हैं प्रदेश के युवाओं में बढ़ रहे नशा वृति और तेजी से पांव पसार रहे नशे के कारोबार की।
समाज एवं राष्ट्र के पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, तरुणाई की दहलीज पर पांव रखते ही संरक्षण के अभाव में छोटी सी उम्र से ही युवा नशे की लत में पड़ जाते है जिससे न केवल उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है बल्कि वे राष्ट्र निर्माण के वाहक न रहकर विध्वंस और अव्यवस्था के प्रतीक बन रहे हैं। शहरी क्षेत्र ही नही बल्कि गांव और ढाणी के युवाओ में नशे की लत हम सभी के लिए चिंता का विषय है।
लचर कानून व्यवस्था और लचीले कानून के चलते राजस्थान प्रदेश आज नशे के व्यापारियों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद साबित हो रहा है। बड़े-बड़े ड्रग्स माफिया बेखौफ होकर दलालों के माध्यम से हर जगह नशे की सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। खासतौर से अगर नागौर जिले की बात करें तो प्रदेश में नागौर जिला अनचाही बढ़त लिए हुए काफी आगे बढ़ चुका है। “अपराधियों में डर” का दम भरने वाली राजस्थान पुलिस भी इन माफियाओं के आगे बोनी नजर आती है। निश्चित रूप से जिस तेजी के साथ नशे का कारोबार फल-फूल रहा है वह इस बात की ओर इशारा करता है कि इन माफियाओं को कहीं न कहीं राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है।
गांव में बैठे छोटे-छोटे ड्रग सप्लायर मासूम बच्चों और युवाओं को पहले धीरे-धीरे नशे का आदी करते हैं और जब वह पूरी तरह से नशे की लत दलदल से गिर जाते हैं तो फिर उनसे मोटी रकम भी वसूलते हैं। आज प्रदेश में जिस तरह से कानून व्यवस्था बदहाल है इसका मुख्य कारण यही नशे की लत है। अपने नशे की आपूर्ति के लिए यह युवा पहले छोटे-छोटे अपराध करते हैं और उसके बाद कई बार वह बड़ी वारदात को भी अंजाम देने से नहीं कतराते हैं। चैन स्नैचिंग, लूट जैसी घटनाएं इसी नशाखोरी की देन है।
शहरी क्षेत्र के बाद अब जिस तरह से गांव और ढाणी में अपनी जड़े जमा चुका नशे का यह कारोबार सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है। समय रहते यदि नशाखोरी की इस प्रवृत्ति पर लगाम नहीं लगाया गया तो यह समाज को खोखला कर देगी। नशा वृत्ति की रोकथाम के लिए हम सभी को अब आगे आना होगा और युवाओं को इस दलदल में फसने से रोकना होगा।
1. क्या आप भी मानते हैं कि राजस्थान में पांव पसारता नशे का कारोबार युवाओं को का भविष्य बर्बाद कर रहा है ?
2.क्या युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए हम सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है?