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साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास
अंश : 167 वाँ
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के ऐतिहासिक दो वर्ष: राजस्थान विकास का स्वर्णिम अध्याय
“लोकहितं मम धर्मः” यह केवल एक सुशासन का आदर्श वाक्य नहीं बल्कि वह आधार है जिस पर जनसेवा की संपूर्ण संरचना खड़ी होती है। जब कोई सरकार केवल प्रशासनिक आदेशों से नहीं बल्कि जनभावनाओं की धड़कन से संचालित होती है तब शासन का अर्थ बदल जाता है और राजनीति अपने सर्वोच्च उद्देश्य को प्राप्त करती है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में बीते दो वर्षों ने इस बात को अत्यंत स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान एक नए युग की ओर अग्रसर हो रहा है। यह दो वर्ष केवल उपलब्धियों का संग्रह नहीं बल्कि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की भव्य नींव हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जिस प्रकार देश को आत्मनिर्भर विकास, वैश्विक प्रतिष्ठा और सशक्त प्रशासन के नए युग में प्रवेश कराया है, उसी गति और उसी दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रभाव राजस्थान के शासन और निर्णयों पर भी दिखाई दिया। केंद्र और राज्य के बीच तालमेल पहले कभी इतना मजबूत नहीं दिखा था। योजनाओं के क्रियान्वयन में गति, प्रशासन में पारदर्शिता और विकास को धरातल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता ने पिछले दो वर्षों को वास्तव में ऐतिहासिक बना दिया है। ग्रामीण से लेकर शहरी, मरुक्षेत्र से लेकर आदिवासी क्षेत्रों तक एक समान विकास की भावना दिखाई दी जिसने लोगों के मन में विश्वास पैदा किया कि यह सरकार हर नागरिक के लिए कार्य कर रही है।
शासन की इस पूरी यात्रा में सबसे उल्लेखनीय परिवर्तन यह रहा कि निर्णय केवल फाइलों और मीटिंगों तक सीमित नहीं रहे बल्कि जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव के रूप में दिखाई दिए। सरकारी सेवाओं को सरल और ऑनलाइन बनाना, भ्रष्टाचार से सीधे मुकाबला करना, अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और जनसमस्याओं को प्राथमिकता पर सुलझाना यह सब कुछ उसी प्रशासनिक सोच का परिणाम है जिसमें जनता केंद्र में है और सरकार उसकी सेवा में समर्पित है। यह कार्यशैली राजस्थान के हर जिले में और प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन में महसूस की जा सकती है।
राजस्थान का मरुक्षेत्र लंबे समय से विकास की चुनौतियों से भरा माना जाता रहा है। लेकिन पिछले दो वर्षों में खींवसर और लोहावट जैसे क्षेत्रों ने वह प्रगति देखी है जो वर्षों से केवल कागजों में सीमित लगती थी। खींवसर में सड़क नेटवर्क का विस्तार, गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ना, स्कूलों का उन्नयन, स्मार्ट कक्षा की सुविधाएँ, छात्रावास व्यवस्था में सुधार और पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण इन सभी ने इस क्षेत्र को नई ऊर्जा दी है। खींवसर की विशेष भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को भी सराहनीय रूप से संरक्षित किया गया है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
लोहावट जैसे क्षेत्र जो पहले जल संकट की कठिनाइयों से जूझते थे अब वहां जल प्रबंधन से संबंधित योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। बरसाती जल संरक्षण, नई पाइपलाइनें, सोलर पंपिंग सिस्टम और ग्रामीण जल योजनाओं की गति में अत्यधिक सुधार हुआ है। इससे आम लोगों को वह राहत मिली है जिसकी प्रतीक्षा दशकों से थी। स्वास्थ्य सुविधाओं के मजबूत होने से ग्रामीण जीवन की कठिनाइयाँ कम हुई हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन, एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और मोबाइल मेडिकल यूनिट ने सामान्य नागरिक को सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों में नया भरोसा दिया है।
इन क्षेत्रों में बिजली संपर्क को स्थिर और विश्वसनीय बनाने के लिए जो कार्य हुए हैं उन्होंने स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। कृषि कार्यों में सुविधा, सिंचाई की सहजता, और छोटे उद्योगों की निर्बाध गतिविधियों ने ग्रामीण जीवन में स्थिरता लाई है। पहले जहां बिजली कटौती किसानों के लिए बड़ी समस्या थी अब व्यवस्थित आपूर्ति ने कृषि उत्पादन और कार्य प्रणाली दोनों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
इन दो वर्षों में राजस्थान को केवल आज के लिए तैयार नहीं किया गया बल्कि आने वाले पाँच से दस वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास की नींव रखी गई है। निवेश बढ़ाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाना, उद्योगों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीति बनाना, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करना, और युवाओं को कौशल विकास के अवसर देना यह सब राज्य की बदलती अर्थव्यवस्था के संकेत हैं। राजस्थान पहले ही सौर ऊर्जा में देश का अग्रणी राज्य रहा है लेकिन अब ग्रीन एनर्जी और नई ऊर्जा प्रणालियों में जो कार्य हो रहे हैं वे भविष्य में राजस्थान को ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।
कानून व्यवस्था में सुधार पिछले दो वर्षों की सबसे सराहनीय उपलब्धियों में शामिल है। अपराधों पर नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी, पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान और साइबर अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक इकाइयों की स्थापना इन सबने आम जनता में विश्वास को और गहरा किया है। सुरक्षित समाज के बिना विकास की कल्पना अधूरी होती है लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि विकास और सुरक्षा दोनों समान गति से आगे बढ़ें।
राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान इसकी आत्मा है और यह सरकार इसे नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। लोक कला, लोक संगीत, विरासत धरोहरों और स्थानीय त्योहारों का संरक्षण केवल सांस्कृतिक काम नहीं बल्कि पर्यटन और रोजगार को बढ़ाने का माध्यम भी बन रहा है। यह पहली बार देखा गया कि संस्कृति और विकास दोनों को समान महत्व देकर उनकी योजनाओं को जमीन पर उतारा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के बीच तालमेल ने राजस्थान को उन परियोजनाओं का लाभ दिया जो वर्षों से प्रतीक्षा में थीं। हाईवे निर्माण, रेलवे विस्तार, मेडिकल कॉलेज, जल जीवन मिशन, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, कौशल विकास केंद्र और सामाजिक सुरक्षा की योजनाएँ इन सबके समन्वित प्रभाव ने सामान्य नागरिक के जीवन में स्पष्ट परिवर्तन लाया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति भी उतनी ही उल्लेखनीय है। नए मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएँ, ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार और चिकित्सकों की उपलब्धता ने स्वास्थ्य सेवाओं को पहले की तुलना में अधिक विश्वसनीय बनाया है। महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देकर सरकार ने सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
इन दो वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि जनता के मन में विश्वास लौटा है। लोग यह महसूस करने लगे हैं कि सरकार केवल घोषणा नहीं करती बल्कि उनका क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करती है। दूरस्थ गांवों में सड़कें बनीं, किसानों को सिंचाई साधन मिले, युवाओं को रोजगार से जुड़े अवसर मिले, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिला तथा जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिला यही वह परिवर्तन है जो इन दो वर्षों को स्वर्णिम अध्याय बनाता है।
समापन करते हुए यह कहना उचित होगा कि ये दो वर्ष राजस्थान के इतिहास में विकास, सुशासन और पारदर्शिता के प्रतीक के रूप में दर्ज होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नेतृत्व इस सच्चाई को स्थापित करता है कि सही नीति, सही नीयत और सही निर्णय किसी भी राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं। राजस्थान आज जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है वह आने वाले वर्षों में और भी बड़ी उपलब्धियों का संकेत देता है।
– क्या आप मानते हैं कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों ने राजस्थान को नई विकास दिशा प्रदान की है?
– क्या आप मानते हैं कि आने वाले वर्षों में यह विकास यात्रा और अधिक गति से आगे बढ़ेगी?
हृदय की कलम से
आपका
धनंजय सिंह खींवसर