रविवार का सदुपयोग – अंश-सोलह


रविवार का सदुपयोग 

 
साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास
 
अंश-सोलह
 
विकास की राजनीति का पर्याय बना गुजरात
 
गत दिनों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में गुजरात विधानसभा के चुनाव परिणामों ने गुजरात को विकास की राजनीति के पर्याय के रूप में स्थापित कर दिया है, गुजरात विकास की राजनीति का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। 
 
गुजरात की जनता ने एक बार फिर भाजपा को प्रचंड बहुमत देकर गुजरात के विकास मॉडल पर अपनी मुहर लगाई है। 27 साल से गुजरात का भाजपा पर विश्वास ने ही उसे विकास की अग्रणी पंक्ति ला खड़ा किया है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि हर 5 साल बाद वहां की जनता सरकार के कार्यकाल का आकलन करती है और उसे अपने विश्वास और उम्मीदों की कसौटी परखती है। गुजरात की जनता ने विकास को परखते हुए पुनः विकास की राजनीति को अपना आशीर्वाद प्रदान किया है।
 
गुजरात के चुनाव परिणाम ने एक बार फिर साबित किया है कि आने वाले दिनों में विकास की राजनीति का ही बोलबाला होगा। पिछले 27 वर्षों से यहां विकास की राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी का शासन है, इतने वर्षों के बावजूद भी हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में जिस तरह से यहां की जनता ने भाजपा को ऐतिहासिक जीत दी है, वह प्रमाण है की जिस प्रदेश को आगे बढ़ना है उसे सभी मुद्दे दरकिनार कर सिर्फ विकास पर जनादेश देना होगा।
 
पिछले लगभग 3 दशक से गुजरात की जनता ने विकास की यात्रा को नजदीक से देखा है। आज गुजरात प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर इतना मजबूत है कि हर कोई उद्यमी यहां अपना उद्योग लगाना चाहता है। किसी भी क्षेत्र में औद्योगिक वातावरण तैयार करने के लिए दो बातें सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। पहला यहां आने वाले उद्यमियों के लिए सुरक्षित वातावरण हो , वही सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सरकारी प्रक्रिया का सरलीकरण हो। इन दोनों मामलों में गुजरात ने बेहतर तरीके से काम किया है। गुजरात में राजनीतिक हस्तक्षेप विकास की संभावनाओं को सहूलियत प्रदान करता है इसके इतर कई प्रदेश इससे उलट चलते है जहां व्यतिगत स्वार्थ और लाभ के लिए जनहित के काम में रोड़ा अटकाया जाता है।
 
एक समय ऐसा था जब गुजरात सांप्रदायिक तनाव और दंगों के लिए कुख्यात था। आए दिन यहां सांप्रदायिक तनाव और दंगों की वजह से हर कोई अपने आप को असुरक्षित महसूस करता था , लेकिन पिछले 27 वर्षों में जिस तरह से भाजपा के शासन में कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है उसी का परिणाम है कि यहां आने वाले उद्यमी अपने आप को सुरक्षित समझते हैं, वही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी उद्योग को अपनी ओर आकर्षित करता है।
 
गुजरात से मेरा पारिवारिक रिश्ता रहा है। मेरा ससुराल गुजरात में और वहां के कई परिवार मेरे संपर्क में है। जब भी उनसे इस पर बात होती है तो उनका मानना है कि गुजरात में सरकार ने कानून व्यवस्था को बहाल करने के लिए बेहतरीन काम किया है और यहां सरकारी विभाग की हर प्रक्रिया का सरलीकरण किया है। ऐसे में वह बेहतर तरीके से यहां अपना व्यवसाय कर पा रहे हैं और यही कारण है कि गुजरात प्रदेश पर्यटन हब बन चुका है। यहां का हर शहर पर्यटन स्थल के रूप में अपनी एक अलग पहचान रखता है।
 
राजस्थान प्रदेश में भी विकास की अपार संभावनाएं हैं। अभी भी प्रदेश का औद्योगिकरण होना शेष है। हमारे पास अपार खनिज संपदाओं का भंडार है, लेकिन मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होने के कारण यहां की औद्योगिक इकाइयां नहीं बना पा रही है, साथ ही पर्यटन के लिए भी अपार संभावना है, लेकिन इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है सुरक्षा का भाव। 
 
मेरा मानना है कि यदि राजस्थान को विकास के नए आयाम स्थापित करने हैं तो यहां भी गुजरात की तरह विकास की राजनीति करने वाली पार्टी को अवसर देना होगा और एक स्थाई सरकार का चयन करना होगा, ताकि यहां के युवाओं को रोजगार मिल सके और प्रदेश में औद्योगिक वातावरण भी तैयार हो सके।
 
1. क्या आप भी मानते हैं कि राजस्थान में औद्योगिक क्षेत्र में विकास की अपार संभावना है ?
 
2. क्या स्थाई सरकार होने से विकास तेज गति से होता है ?
 
हृदय की कलम से ! 
 
आपका 
 
– धनंजय सिंह खींवसर