साप्ताहिक सूक्ष्म ब्लॉग | संवाद से परिवर्तन का प्रयास
अंश – दसवाँ
सही समय पर सही अवसर मिलना सफलता का मूल मंत्र
आज पूरे विश्व में “ऋषि सुनक ” नाम की चर्चा चल रही है, भारतीय मूल के ऋषि सुनक महज 42 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश के प्रधानमंत्री के रूप में निर्वाचित हुए हैं। निश्चित रूप से हर भारतीय के लिए यह यह एक गौरवशाली क्षण है, लेकिन साथ ही यह हमारे लिए आत्म चिंतन का भी विषय है। भारत को भले ही युवाओं का देश कहा जाता है और ऐसा माना जाता है कि लगभग 55% आबादी युवाओं की है, लेकिन देश में आज भी आमतौर पर राजनीति के लिए युवाओं की आयु 50 वर्ष हो तो उसे युवा माना जाता है। ऐसे में जब 50 वर्ष की उम्र में किसी राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिलता है तो इस क्षेत्र में काम करने के लिए उसे मुश्किल से 10 वर्ष का समय मिलता है। किसी भी व्यवस्था में परिवर्तन के लिए कम से कम 15 से 20 वर्ष का समय लगता हैं, इसलिए सही समय पर युवाओं को सही अवसर दिया जाना आवश्यक है। आज हर क्षेत्र में युवा अपनी प्रतिभा का बेहतर तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन राजनीतिक क्षेत्र यदि सही समय पर युवाओं पर विश्वास किया जाएं तो देश की दशा और दिशा दोनों बदल सकती है।
श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद राजनीतिक क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसर बने हैं। उन्होंने अपनी टीम में कई युवाओं को अवसर दिया और युवाओं ने भी उनकी उम्मीदों पर खरा उतरते कर उनके निर्णय को साकार किया है। युवा मंत्रियों ने अपने सामर्थ्य से बढ़कर कार्य किया और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा युवाओं को बेहतर विकल्प देने का प्रयास किया और मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में राजनीति के हर स्तर पर युवाओं को समान अवसर मिलेंगे।
न्यायिक क्षेत्र में कहा जाता है कि “देरी से मिला हुआ न्याय अन्याय के समान होता है” कुछ ऐसा ही सिद्धांत राजनीतिक क्षेत्र में भी लागू होता है। राजनीतिक क्षेत्र में आकर आमजन की सेवा करने का जज्बा रखने वाले युवाओं को यदि समय पर अवसर नहीं दिया जाएगा तो धीरे-धीरे उनका उत्साह कम होता जाएगा और एक निश्चित अवधि के बाद वह उस जोश के साथ अपनी कार्य क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाएगा जिस कार्य क्षमता के लिए वह जाना जाता है।
राजनीतिक क्षेत्र में वांछित उम्र की योग्यता पूरी होने के बाद यदि जल्द से जल्द ही युवाओं को उनकी काबिलियत के आधार पर अवसर प्रदान किए जाएंगे तो वह बेहतर तरीके से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पाएंगे। आज देश के सामने विभिन्न चुनौतियां है। मेरा मानना है कि इन सभी चुनौतियों का मुकाबला करने में युवा सक्षम है, लेकिन जरूरत है उन्हें उचित समय पर उचित अवसर प्रदान करने की। ब्रिटिश के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक है महज 42 वर्ष के लेकिन जब उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला तो उन्होंने उम्मीद से कई गुना ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया और इसी का परिणाम है कि वह आज सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रहे हैं। मेरा मानना है कि भारतीय राजनीति में भी कुछ ऐसा ही परिवर्तन करने की आवश्यकता है। युवाओं को अवसर देने का अर्थ यह कतई नहीं है कि हम अनुभव को दरकिनार करें, लेकिन यदि अनुभव के साथ-साथ युवाओं का जोश होगा तो दुगनी कार्य क्षमता के साथ कार्य हो पाएगा।
भारत देश के युवाओं में बहुत अधिक क्षमता है जरूरत है उनकी क्षमताओं को पहचानते हुए उन्हें अवसर प्रदान करने की।
1.क्या आप भी मानते हैं कि राजनीतिक क्षेत्र में युवा बेहतर तरीके से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पाएंगे?
2. क्या युवाओं को सही समय पर सही अवसर मिलना चाहिए?