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अंश-तेरहवाँ
EWS – सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के उत्थान को समर्पित एक सकारात्मक कदम
आजादी के 75 वर्ष बाद किसी राजनीतिक दल ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के परिवारों को आरक्षण देकर उन्हें मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास किया है और इस निर्णय पर कुछ दिन पूर्व सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मुहर लगना निश्चित रूप से ऐसे गरीब परिवारों की प्रगति और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा, केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाले सरकार इस सकारात्मक कदम के लिए धन्यवाद की हकदार है।
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान में आवश्यकतानुसार समय समय पर कई संशोधन किए गए हैं, इसी कड़ी में वर्ष 2019 में भारतीय संविधान में 124 वां संविधान संशोधन करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण देने का निर्णय किया गया, इस संशोधन ने एक कानूनी प्रकिया से गुजरते हुए मूर्तरूप लिया है।
EWS वर्ग के लिए यह आरक्षण न केवल संविधान की मूल भावना के अनुरूप है बल्कि यह आरक्षण आर्थिक समानता समनता लाते हुए उनके लिए विकास की राह प्रशस्त करेगा, आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी और गत दिनों में संघर्ष का लंबा रास्ता तय करते हुए इस मांग को स्वीकृति मिली गई है।
माननीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के परिवारों के प्रति संवेदना रखते हुए 2019 में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बहुत बड़ी सौगात प्रदान की हुए 10% आरक्षण देने का निर्णय लिया गया, यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास” को परिलक्षित करने वाला निर्णय था।
मैं समझता हूं कि सामान्य वर्ग के ऐसे कई परिवार है जो आर्थिक बाध्यता के कारण प्रतिस्पर्धा के इस युग में पर्याप्त अवसर और संसाधन नहीं मिलने के कारण लगातार पिछड़ते जा रहे थे, EWS में प्राप्त यह 10% आरक्षण ऐसे परिवारों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के साथ साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु उनके मन में भी एक आत्मविश्वास का भी संचार करेगा।
EWS आरक्षण लागू होने के बाद स्वयं प्रधानमंत्री जी ने कहा था, “124 वां संविधान संशोधन बिल, 2019 का लोकसभा से पारित होना देश के इतिहास में मील का पत्थर है। इसे मंजूरी मिलने से समाज के सभी वर्गों को न्याय मिलने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।”
मेरा मानना है कि इस बिल का लागू होना एक नए युग की शुरुआत है। देश का आम नागरिक सरकार के इस फैसले से अत्यंत खुश है। ऐसा नहीं है कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग नई हो। लंबे समय से अलग-अलग स्तरों पर इस बार को उठाया भी गया,लेकिन प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के आर्थिक रूप से पिछड़े स्वर्ण की पीड़ा को समझते हुए इस पर निर्णय लेने का साहसिक कदम उठाया। जो काम बहुत पहले किया जाना था वह अब हुआ है, लेकिन मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि
“यह सकारात्मक बदलाव लाने के लिए मजबूत इरादों की आवश्यकता होती है जिसे इस निर्णय के साथ हमारे प्रधानमंत्री जी परिलक्षित किया है।”
1.क्या आप मानते हैं कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का साहसिक निर्णय था ?
2. क्या आप भी मानते हैं आर्थिक आधार पर आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को समान अवसर उपलब्ध कराने वाला होगा ?
हृदय की कलम से !
आपका
– धनंजय सिंह खींवसर